निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) काव्य के विषय में द्विवेदीजी की एक
(य) विशेष प्रकार की रुचि बन गई थी और चूँकि व
(र) कवि की दृष्टि से करते थे अतः अनेक नए काव्यों को, जो
(ल) काव्य का अध्ययन आलोचक की दृष्टि से नहीं वरन्
(व) उनके संस्कारों से मेल नहीं खाते थे, मुक्त भाव से स्वीकार करना
(6) उनके लिए कठिन हो जाता था।
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