Question :

किस युद्ध में हुए भारी तबाही तथा जानमाल की हानि को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ और उसने युद्धनीति त्यागकर धम्मनीति की घोषणा की थी ?


A) कलिंग
B) कश्मीर
C) कम्बोज
D) उज्जैन

Answer : A

Description :


261 ई. पू. में कलिंग युद्ध के भीषण नर-संहार और रक्तपात ने अशोक को युद्ध के स्थान पर धम्म-विजय की नीति अपनाने को प्रेरित किया। कलिंग युद्ध में हुए व्यापक नरसंहार ने अशोक को विचलित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उसने शस्त्र त्याग की घोषणा कर दी। तत्पश्चात् उसने बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया, जबकि इससे पूर्व वह ब्राह्मण मतानुयायी था। अशोक की धम्म नीति इतिहासकारों में खासी विवादास्पद रही है, परन्तु अब माना जाता है कि अशोक का धम्म विशेष धर्म से जुड़ा नहीं था, वरन् यह नैतिक नियमों का संग्रह था, जिसके माध्यम से वह अपनी जनता में शान्ति, सह-अस्तित्व, भाई-चारे एवं नैतिकता का सन्देश देना चाहता था। इसके प्रचार के लिए उसने एक नए अधिकारी 'धम्ममहामात्र' नियुक्त की तथा शिलालेख एवं स्तम्भलेख जारी करवाए। उसके द्वारा 14 शिलालेख, सात स्तम्भलेख एवं कई छोटे-छोटे शिलालेख एवं स्तम्भलेख जारी किए गए। इसमें उसने प्राकृत भाषा एवं ब्राह्मी लिपि (पूर्वी भारत), खरोष्ठी लिपि (पश्चिमोत्तर भारत) एवं ग्रीक एवं अरमाइक लिपि (सीमा प्रान्त) में प्रयोग किया। अशोक अभिलेख जारी करने वाला पहला भारतीय शासक था। इन अभिलेखों के माध्यम से उसने अपनी जनता को धम्म का सन्देश दिया। इन्हीं अभिलेखों के माध्यम से अशोक, प्रियदर्शी एवं देवनामप्रिय-तीनों नामों के बीच साम्य स्थापित किया जा सका।


Related Questions - 1


किस वर्ष में वी. डी. सावरकर हिन्दू महासभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए?


A) 1938
B) 1916
C) 1935
D) 1919

View Answer

Related Questions - 2


बिहार में 1857 की विद्रोह की शुरुआत कब हुई थी?


A) 10 मई, 1857 को
B) 11 जून, 1857 को
C) 1 जुलाई, 1857 को
D) 3 जुलाई, 1857 को

View Answer

Related Questions - 3


बिहार में उग्रवाद का मुख्य केंद्र् कौन-सा है?


A) जहानाबाद जिला है
B) गया जिला है
C) भोजपुर जिला है
D) उपर्युक्त सभी

View Answer

Related Questions - 4


प्रथम जैन संगीति की अध्यक्षता किसने की थी?


A) देवर्धिक्षमा श्रमण
B) महाकस्सप
C) साबकमीर
D) स्थूलभद्र

View Answer

Related Questions - 5


बिहार के अक्टूबर-नवम्बर 2010 के विधानसभा चुनाव मे क्रमशः दूसरे, तीसरे, चौथे, पाँचवें, छठे एवं सातवें स्थान पर रहने वाले पार्टी का नाम है-


A) राजद, भाजपा, लोजपा, कांग्रेस, भाकपा, झामूको
B) भाजपा, लोजपा, कांग्रेस, भाकपा, झामूको
C) भाजपा, राजद, लोजपा, कांग्रेस, भाकपा, झामूको
D) जदयू, भाजपा, राजद, कांग्रेस, भाकपा, झामूको

View Answer