प्राचीन भारत में साम्राज्यवाद की शुरुआत या विकास का श्रेय किसको दिया जाता है ?
A) मगध को
B) अवन्ति को
C) वज्जि को
D) वत्स का
Answer : A
Description :
प्राचीन भारत में साम्राज्यवाद की शुरुआत या विकास का श्रेय मगध को दिया जाता है। छठी शताब्दी ई.पू. में और उसके पश्चात् उत्तर भारत में जिन राज्यों के मध्य राजनीतिक एकाधिकार के लिए संघर्ष चल रहा था, उनमें मगध, अवन्ति, वत्स और कोशल प्रमुख थे। भौगोलिक दृष्टि से ये सभी राज्य भारत के केन्द्र में स्थित थे। इसी समय राज्यों में साम्राज्य स्थापना की प्रवृत्ति का सूत्रपात हुआ। जिसके परिणामस्वरूप मगध ने अन्य तीन प्रमुख राज्यों पर अपना एकाधिपत्य स्थापित किया और अपने राज्य को साम्राज्य का स्वरूप प्रदान किया। प्राचीन मगध साम्राज्य में आधुनिक बिहार के दक्षिणी भाग में स्थित पटना तथा गया जिले के क्षेत्र थे।
Related Questions - 1
आजाद दस्ता का गठन किसलिए हुआ था?
A) अंग्रेजों की हत्या करने के लिए
B) तोड-फोड़ की कार्रवाईयों के लिए
C) युद्ध कार्यों में सरकार को बाधा पहुँचाने के लिए
D) उपर्युक्त (2) एवं (3) दोनों के लिए
Related Questions - 2
बिहार में सिंचाई के संदर्भ में निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य नहीं कहा जा सकता है?
A) बिहार में गण्डक परियोजना की नहरों से चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, सीवान तथा गोपालगंज जिलों में सिंचाई होती है
B) सोन नहर से पटना, गया, रोहतास तथा बक्सर जिलों में सिंचाई होती है
C) कमला नहर से पूर्णिया तथा कटिहार जिलों में सिंचाई होती है
D) पूर्वी कोसी नहर से पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा तथा अररिया जिलों में सिंचाई की जाती है।
Related Questions - 3
बिहार के किस शहर को नगर-निगम का दर्जा प्राप्त नहीं है?
A) आरा
B) मुजफ्फरपुर
C) बिहार शरीफ
D) सहरसा
Related Questions - 4
स्वतंत्रता के उपरांत बिहार में उग्र छात्र आंदोलन की शुरुआत कब हुई?
A) 1951 में
B) 1955 में
C) 1961 में
D) 1974 में
Related Questions - 5
बिहार राज्य वनों से प्राप्त पदार्थो पर आधारित किस उद्योग में भारत में प्रथम स्थान रखता है।
A) इमारती लकड़ी उद्योग
B) बीड़ी उद्योग
C) कागज उद्योग
D) लौह उद्योग