भारी तथा बहुत भारी मृदाओं के सम्बन्ध में निम्न कथनों पर विचार करें।
(i) ये मृदाएँ कम सुप्रवाहित तथा कम पारगम्य होती हैं
(ii) इनमें जल धारण करने की क्षमता अधिक होती है
भारी तथा बहुत भारी मृदाएँ ‘चीका से युक्त’ गुणों वाली होती है। यह राज्य में बरसाती नदियों के किनारों पर पाई जाती है। वर्षा के दौरान यह मृदा चिपचिपी हो जाती है। तथा शुष्क मौसम में कड़ी हो जाती है जलधारण करने की अधिक क्षमता वाली मृदा है – ‘बालुका युक्त दोमट मृदा’।
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सुमेलित करें
| सूची-। | सूची-।। |
| A. सतकुम्भा मेला | (i) श्रावण माह (सोनीपत) |
| B. डेरा नग्न बालनाथ मेला | (ii) फाल्गुन माह (सोनीपत) |
| C. रामदेवजी मेला | (iii) माघ माह (सिरसा) |
| D. गोपाल मोचन मेला | (iv) कार्तिक माह (यमुनानगर) |
कूटः A B C D