बिहार में पंचायत समिति का गठन प्रखण्ड स्तर पर होता है तथा पंचायत समिति के एक सदस्य का चयन होता है-
A) 5,000 की आबादी पर
B) 3,000 की आबादी पर
C) 7,000 की आबादी पर
D) 4,000 की आबादी पर
Answer : A
Description :
1993 में संविधान के 73वें संशोधन द्वारा पंचायत को शक्ति प्रदान की गई। इसी संविधान संशोधन के अनुरुप बिहार में त्रिस्तरीय व्यवस्था अपनाई गयी। सबसे नीचे स्तर (गाँव के स्तरपर) ग्राम पंचायतों का गठन, प्रखण्ड स्तर पर पंचायत समितियाँ, तृतीय स्तर पर जिला परिषद् गठन करने का प्रावधान किया गया है। ग्राम-पंचायत का गठन प्रत्येक 7000 व्यक्तियों की आबादी पर किया जाएगा तथा प्रत्येक 500 आबादी पर एक सदस्य का चुनाव किया जाएगा। बिहार के प्रखण्ड स्तर पर पंचायत समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक पाँच हजार की आबादी पर पंचायत समिति के एक सदस्य का चुनाव किया जाएगा। तथा प्रत्येक 50,000 की आबादी पर एक सदस्य जिला परिषद् के लिए चुना जाएगा। बिहार में जिला परिषद् के अध्यक्ष पद के लिए पिछड़ी जाति के आरक्षण का प्रावधान है।
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निम्न में से कौन-सा कार्य शेरशाह द्वारा नहीं किए गए?
A) देश की भूमि का सर्वेक्षण
B) ग्रैंडट्रंक रोड (सड़क-ए-आजम)
C) इबादत खाना का निर्माण
D) किसानों को पट्टा देने तथा कबूलियत की प्रथा का आरंभ
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बिहार में सिंचाई के संदर्भ में निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य नहीं कहा जा सकता है?
A) बिहार में गण्डक परियोजना की नहरों से चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, सीवान तथा गोपालगंज जिलों में सिंचाई होती है
B) सोन नहर से पटना, गया, रोहतास तथा बक्सर जिलों में सिंचाई होती है
C) कमला नहर से पूर्णिया तथा कटिहार जिलों में सिंचाई होती है
D) पूर्वी कोसी नहर से पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा तथा अररिया जिलों में सिंचाई की जाती है।
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मौर्यकालीन इतिहास के महत्त्वपूर्ण साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए हैं?
A) सासाराम से
B) राजगीर से
C) कुम्हरार से
D) चम्पा से
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बोधगया के महाबोधि मंदिर की स्थापना कहाँ हुई थी?
A) मौर्यकाल में
B) पालकाल में
C) गुप्तकाल में
D) हर्यकवंश के शासनकाल में