बिहार में फल्गु नदी गया से आगे उत्तर-पूरब दिशा में बढ़ने के बाद कई शाखाओं में विभक्त हो जाती है, उस जगह का नाम बताएँ-
फल्ग नदी बोधगया से 3 किमी. दक्षिण हजारीबाग के पठार से निकलने वाली नीलाजंग (निरंजना) तथा मोहाने या मोहना नदियों के मिलने से बनी है। यह नदी गया शहर के बीच से बहती है। पितृपक्ष के दौरान लाखों की संख्या में तीर्थयात्री आते हैं और फल्गु में स्नान करके पिण्डदान करते हैं। इसकी महत्ता केवल वर्षाकाल मे देखने को मिलती है। शुष्ककाल में इसमें पानी के बदले बालू भरा रहता है। उत्तर की ओर जाने पर यह नदी बराबर के पहाड़ी के निकट कई शाखाओं में बँट जाती है। जैसे-सोना, मैथन, धोवा, महतवाइन इत्यादि। ये शाखाएँ सिंचाई के दृष्टिकोण से विशेषकर खरीफ फसलों के लिए विशेष महत्व रखती है।
संबंधित प्रश्न (Related)
बिहार के उत्तरी गंगा के मैदान में कौन-सी मिट्टी नहीं पायी जाती है?
साइमन कमीशन के पटना आने से कुछ दिन पूर्व 6 दिसम्बर, 1928 को बिहार प्रांतीय सम्मेलन पटना में हुआ। इसकी अध्यक्षता किसने की थी:
बिहार में गंगा नदी की लंबाई कितनी है?
गया शहर किस नदी के किनारे स्थित है?
राज्य में कैन्टानमैन्ट बोर्ड की व्यवस्था किस जगह की जाती है?