पश्चिम चम्पारण जिला के शिवालिक पहाड़ी में इनमें किस चट्टान की प्रधानता है?
A) आग्नेय
B) परतदार
C) रुपान्तरित
D) पाताली
Answer : B
Description :
शिवालिक पर्वतश्रेणी हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणी का निचला भाग है, जो बिहार के उत्तरी-पश्चिमी भाग में पश्चिमी चम्पारण जिला के उत्तरी भाग में स्थित है। शिवालिक श्रेणी का दक्षिणी भाग ‘रामनगर दून’ के नाम से जाना जाता है। हरदा घाटी रामनगर दून के उत्तर-पूर्व की ओर से शुरु होती है। इसे दून घाटी भी कहा जाता है। सोमेश्वर श्रेणी बिहार की सबसे उत्तरी श्रेणी है। शिवालिक श्रेणी टरशियरी युग की परतदार चट्टानों से निर्मित है, जिसमें बालू-पत्थर की प्रधानता है। इसके धरातल का निर्माण बालू-मिट्टी तथा बंजरी से हुआ है। ये चट्टाने अपेक्षाकृत मुलायम हैं और आच्छादन की क्रिया से अधिक प्रभावित हुई हैं। इसके फलस्वरुप यह क्षेत्र काफी ऊबड़-खाबड़ हो गया है और सारा क्षेत्र घाटियों और कटकों से परिणत हो गया है।
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देश का वह कौन-सा राज्य है जो पहली बार महादलित विकास मिशन का गठन किया है?
A) उत्तर प्रदेश
B) गुजरात
C) राजस्थान
D) बिहार
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बिहार प्रांतीय सम्मेलन का 28वाँ सम्मेलन मुंगेर में 1929 में हुआ था, जिसमें-
A) स्वाधीनता का प्रतिपादन किया
B) कांग्रेस को अनुशंसा किया गया कि 1 जनवरी, 1930 को अपना लक्ष्य पूर्ण स्वाधीनता घोषित करें।
C) वायसराय की 31 अक्टूबर की घोषणा की निंदा
D) उपर्युक्त सभी
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महावीर स्वामी ने अपना अंतिम उपदेश कहाँ दिया था?
A) पावापुरी में
B) कपिलवस्तु में
C) वैशाली में
D) कौशाम्बी में
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बौद्ध धर्म की महायान शाखा का ग्रन्थ प्रज्ञापारमिता को किस शैली की चित्रकला के चित्रों का आधार बनाया गया है ?
A) पाल
B) मंजूषा
C) मधुबनी
D) पटना
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किसे भारत का राष्ट्रकवि होने का गौरव प्राप्त हुआ है?
A) शिव पूजन सहाय
B) नागार्जुन
C) जानकी वल्लभ शास्त्री
D) रामधारी सिंह ‘दिनकर’