पश्चिम चम्पारण जिला के शिवालिक पहाड़ी में इनमें किस चट्टान की प्रधानता है?
A) आग्नेय
B) परतदार
C) रुपान्तरित
D) पाताली
Answer : B
Description :
शिवालिक पर्वतश्रेणी हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणी का निचला भाग है, जो बिहार के उत्तरी-पश्चिमी भाग में पश्चिमी चम्पारण जिला के उत्तरी भाग में स्थित है। शिवालिक श्रेणी का दक्षिणी भाग ‘रामनगर दून’ के नाम से जाना जाता है। हरदा घाटी रामनगर दून के उत्तर-पूर्व की ओर से शुरु होती है। इसे दून घाटी भी कहा जाता है। सोमेश्वर श्रेणी बिहार की सबसे उत्तरी श्रेणी है। शिवालिक श्रेणी टरशियरी युग की परतदार चट्टानों से निर्मित है, जिसमें बालू-पत्थर की प्रधानता है। इसके धरातल का निर्माण बालू-मिट्टी तथा बंजरी से हुआ है। ये चट्टाने अपेक्षाकृत मुलायम हैं और आच्छादन की क्रिया से अधिक प्रभावित हुई हैं। इसके फलस्वरुप यह क्षेत्र काफी ऊबड़-खाबड़ हो गया है और सारा क्षेत्र घाटियों और कटकों से परिणत हो गया है।
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उत्तर बिहार के कर्नाट शासकों का अंत किस सुल्तान के द्वारा हुआ था ?
A) गयासुद्दीन तुगलक
B) मुहम्मद बिन तुगलक
C) फिरोज शाह तुगलक
D) बाबर
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बिहार में जिला स्तर पर जिला परिषद् का गठन किया गया है। जिला परिषद् के एक सदस्य का चुनाव कितने की आबादी पर होगा?
A) 50,000
B) 30,000
C) 70,000
D) 25,000
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क्रांतिकारी पार्टी हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी का काम बिहार में किसे सौंपा गया था?
A) चंद्रशेखर आजाद एवं सचिंद्र सान्याल
B) फणींद्र नाथ घोष एवं भगत सिंह
C) ज्ञान साहा एवं बटुकेश्वर दत
D) प्रफुल्ल चाकी एवं खुदिराम बोस
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बिहार में विद्युत संयंत्र से निम्न विद्युत प्राप्ति या विद्युत उत्पादन में जर्जरता का कारण कौन-सा है?
A) उच्च लाइन लॉस
B) तकनीकी अकुशलता एवं उच्च उत्पादन लागत
C) कोयले की आपूर्ति मे कमी
D) उपर्युक्त सभी