पश्चिम चम्पारण जिला के शिवालिक पहाड़ी में इनमें किस चट्टान की प्रधानता है?
A) आग्नेय
B) परतदार
C) रुपान्तरित
D) पाताली
Answer : B
Description :
शिवालिक पर्वतश्रेणी हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणी का निचला भाग है, जो बिहार के उत्तरी-पश्चिमी भाग में पश्चिमी चम्पारण जिला के उत्तरी भाग में स्थित है। शिवालिक श्रेणी का दक्षिणी भाग ‘रामनगर दून’ के नाम से जाना जाता है। हरदा घाटी रामनगर दून के उत्तर-पूर्व की ओर से शुरु होती है। इसे दून घाटी भी कहा जाता है। सोमेश्वर श्रेणी बिहार की सबसे उत्तरी श्रेणी है। शिवालिक श्रेणी टरशियरी युग की परतदार चट्टानों से निर्मित है, जिसमें बालू-पत्थर की प्रधानता है। इसके धरातल का निर्माण बालू-मिट्टी तथा बंजरी से हुआ है। ये चट्टाने अपेक्षाकृत मुलायम हैं और आच्छादन की क्रिया से अधिक प्रभावित हुई हैं। इसके फलस्वरुप यह क्षेत्र काफी ऊबड़-खाबड़ हो गया है और सारा क्षेत्र घाटियों और कटकों से परिणत हो गया है।
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चम्पारण आंदोलन का नेतृत्व किसने किया था?
A) महात्मा गांधी
B) राजेन्द्र प्रसाद
C) राजकुमार शुक्ल
D) ब्रजकिशोर प्रसाद
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भारत में ठगी अतिक्रम करने का श्रेय किसे प्राप्त हैं?
A) अर्ल ऑफ डलहौजी
B) चार्ल्स मेटकाफ
C) डब्ल्यू. टी. डेनीसन
D) डब्ल्यू. एच. स्लीमैन
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पटना होमरूल लीग के किस नेता ने विजयादशमी के दिन भारतमाता की पूजा प्रारंभ करने का विचार रखा था ?
A) चंद्रवंशी सहाय
B) सच्चिदानंद सिंहा
C) राय पूरन चन्द
D) पूर्णेन्दू नारायण सिन्हा
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मगध के किस परवर्ती गुप्त शासक ने अश्वमेघ यज्ञ का आयोजन किया था ?
A) आदित्य सेन
B) माधवगुप्त
C) जीवितगुप्त
D) दामोदरगुप्त