पश्चिम चम्पारण जिला के शिवालिक पहाड़ी में इनमें किस चट्टान की प्रधानता है?
A) आग्नेय
B) परतदार
C) रुपान्तरित
D) पाताली
Answer : B
Description :
शिवालिक पर्वतश्रेणी हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणी का निचला भाग है, जो बिहार के उत्तरी-पश्चिमी भाग में पश्चिमी चम्पारण जिला के उत्तरी भाग में स्थित है। शिवालिक श्रेणी का दक्षिणी भाग ‘रामनगर दून’ के नाम से जाना जाता है। हरदा घाटी रामनगर दून के उत्तर-पूर्व की ओर से शुरु होती है। इसे दून घाटी भी कहा जाता है। सोमेश्वर श्रेणी बिहार की सबसे उत्तरी श्रेणी है। शिवालिक श्रेणी टरशियरी युग की परतदार चट्टानों से निर्मित है, जिसमें बालू-पत्थर की प्रधानता है। इसके धरातल का निर्माण बालू-मिट्टी तथा बंजरी से हुआ है। ये चट्टाने अपेक्षाकृत मुलायम हैं और आच्छादन की क्रिया से अधिक प्रभावित हुई हैं। इसके फलस्वरुप यह क्षेत्र काफी ऊबड़-खाबड़ हो गया है और सारा क्षेत्र घाटियों और कटकों से परिणत हो गया है।
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किस यात्री ने पटना को मुगल साम्राज्य का दूसरा सबसे बड़ा नगर तथा उत्तरी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक केन्द्र बताया है?
A) रॉल्फ फिच
B) पीटरमुंडी
C) जॉन मार्शल
D) टैवर्नियर
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बिहार की सर्वोच्च श्रृंग की ऊँचाई कितनी है?
A) 860 मीटर
B) 890 मीटर
C) 879.4 मीटर
D) 910 मीटर
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बिहार के किस नगर में 1921 के नगर पालिका चुनाव में सभी मत असहयोगियों के पक्ष में पड़ा था ?
A) पटना
B) छपरा
C) मुजफ्फरपुर
D) मुंगेर
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वर्ष 2001 के भारत रत्न से सम्मानित शहनाई वादक उस्ताद बिस्मल्ला खाँ का जन्म स्थान कहाँ है?
A) डुमरांव
B) आरा
C) वाराणसी
D) पटना
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बिहार राज्य में द्वैध शासन का प्रारंभ कब हुआ था?
A) 29 दिसम्बर 1919
B) 29 दिसम्बर 1920
C) 29 जनवरी 1920
D) 29 जनवरी 1919