Sponsored Advertisement
इंडियन गवर्नमेंट एग्जाम प्रेप

प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय से संबंधित कौन-सी बातें सत्य हैं?

A यहाँ नामांकन के लिए प्रवेश ली जाती थी
B यह शिक्षा का अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र था।
C नालंदा विश्वविद्यालय को इब्ने बख्तियार खिलजी ने काफी क्षति पहुँचाया था।
D उपर्युक्त सभी
Correct Answer: D
Solution & Explanation

नालंदा महाविद्यालय की पहचान प्रसिद्ध पुरातत्वशास्त्री अलेक्जेंडर कनिंघम ने की थी। नालंदा विश्वविद्यालय प्राचीन काल में शिक्षा का अत्यंत विख्यात केन्द्र था जहाँ विदेशों से भी बड़ी संख्या में छात्र और भिक्षु आते थे। इनमें ह्वेनसांग एवं इत्सिंग (सातवीं शताब्दी) चीन से और लामा तारानाथ (नवीं शताब्दी) एवं धर्मस्वामिन् (तेरहवीं शताब्दी) तिब्बत से आये थे। इस बिहार की स्थापना पाँचवीं शताब्दी ई. मे कुमारगुप्त-प्रथम द्वारा की गयी थी। अन्य गुप्त शासकों, विशेषकर बुद्धगुप्त द्वारा भी इसे अनुदान दिये गये। हर्षवर्द्धन के समय तक यह शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र बन चुकी थी। यहाँ प्रवेश-परीक्षा ली जाती थी और इस परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र ही अध्ययन हेतु प्रवेश प्राप्त कर सकते थे। पालवंशीय शासकों में धर्मपाल द्वारा अनेक गाँव इस बिहार को समर्पित करने की चर्चा मिलती है। यहाँ के प्रसिद्ध आचार्यों और छात्रों में शीलभद्र, प्रभाकर मिश्र, वसुबंधु आधि के नाम आते हैं। बारहवीं शताब्दी में इब्ने बख्तियार खिलजी के अभियानों के फलस्वरुप नालंदा विश्वविद्यालय का विनाश हुआ।

Advertisement

संबंधित प्रश्न (Related)

बिहार में कहाँ कल्याणपुर सीमेंट लिमिटेड नामक सीमेंट कारखाना स्थित है?

बिहार में महालया पर्व कब मनाया जाता है?

बिहार के किस जिले की सीमा नेपाल से लगने वाले जिलों में सर्वाधिक लम्बी है?

राज्य में कृषि योग्य भूमि का कितना प्रतिशत भाग सिंचित है?

बिहार राज्य से कुल कितने राष्ट्रीय उच्च पथ NH गुजरते हैं?

Aap Taiyari24Hour kaise use karna chahte hain?

Behtar anubhav ke liye hamari Mobile App use karein ya browser par continue karein.

📲 Play Store se App Install Karein