पटना के वहाबियों की शक्ति कब समाप्त हो गई थी?
पटना के वहाबियों की शक्ति 1870-71 तक समाप्त हो गई। पटना में 1865 ई. में मुकद्मा चला वहाँ और भी वहाबी गिरफ्तार हुए। बहावियों के खिलाफ दोबारा मुकद्दमा 1871 ई. में शुरू हुआ। इसमें तबारक अली, पीर मुहम्मद, दीन मुहम्मद, अमीरद्दीन, आमिर खान, हस्मत दाद खान एवं मुबारक खान पर मुकद्मा चलाया गया एवं इन लोगों पर बहावियों को वित्तीय मदद देने एवं अन्य सहयोग देने का आरोप लगाया गया। इनमें से एमा हस्मतदाद खान के अतिरिक्त अन्य सभी को काले पानी की सजा हुई। इस मुकद्दे के साथ ही वहाबियों पर सरकार द्वारा चलाई जा रही कार्यवाहियों का अंत हो गया। साथ ही वहाबी आंदोलन भी लगभग दब गया। हालांकि इसकी ज्वालाएं समय-समय पर भड़कती रहीं।
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1946 के बिहार विधानसभा के चुनाव में दल और उसे प्राप्त सीटों की संख्या को सुमेलित करें तथा दिए गए कूट के अनुसार उत्तर दें-
| दल | प्राप्त सीटें | (स्थान) |
| (A) कांग्रेस | (1) | 98 |
| (B) मुस्लिम लीग | (2) | 12 |
| (C) मोमिन | (3) | 34 |
| (D) निर्दलीय | (4) | 5 |
कूट: A B C D