सविनय अवज्ञा आंदोलन के समय देश के विभिन्न भागों में सांप्रदायिक दंगे लेकिन बिहार में कोई गंभीर घटना नहीं घंटी, जिसका श्रेय किसे दिया जाता है?
A) सच्चिदानंद सिन्हा को
B) मजहरुल हक को
C) अली इमाम को
D) राजेन्द्र प्रसाद को
Answer : D
Description :
15 फरवरी, 1930 ई. को कांग्रेस के अहमदाबाद में गांधीजी को सविनय अवज्ञा आंदोलन को शुरू करने का अधिकार मिला। राजेन्द्र प्रसाद ने शुरू में इस आंदोलन का समर्थन नहीं किया। उनका मानना था कि बिहार में चौकीदारी कर के खिलाफ आंदोलन ज्यादा प्रभावी होगा। लेकिन गांधी जी ने उन्हें पहले नमक कानून के उल्लंघन से आंदोलन को प्रारंभ करने की सलाह दी। 9 मई, 1930 ई. को बिहार की कांग्रेस कमिटी ने अनुग्रह नारायण सिंह की अध्यक्षता में सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्वीकार किया। सविनय अवज्ञा आंदोलन के समय देश के विभिन्न भागों में सांप्रदायिक दंगे हुए लेकिन बिहार में कोई गंभीर घटना नहीं घटी, जिसका श्रेय मुख्यतः राजेन्द्र प्रसाद को दिया जाता है।
Related Questions - 1
बिहार विद्यापीठ के प्रथम कुलाधिपति कब थे?
A) राजेन्द्र प्रसाद
B) ब्रजकिशोर प्रसाद
C) मजहरुल हक
D) सच्चिदानंद सिन्हा
Related Questions - 2
बिहार में पर्यटन के विकास के लिए कौन-सी कार्य किए जाने की आवश्यकता है?
A) बिहार की अच्छी छवि का निर्माण एवं प्रचार प्रसार
B) भौतिक अधिसंरचना में सुधार
C) बेहतर नागरिक सुविधाएं का विकास
D) उपर्युक्त सभी
Related Questions - 3
दक्षिण बिहार की नदी पुनपुन का उद्गम स्तल कौन सा है?
A) छोटानागपुर की पठारी
B) अमरकंटक
C) कैमूर पहाड़ी
D) पलामू की चोरहा पहाड़ी
Related Questions - 4
बिहार प्रदेश में 5 से 7 किᵒ मीᵒ चोड़ी पट्टी का तराई क्षेत्र विस्तृत है-
A) पश्चिम चम्पारण-सीतामढ़ी-अररिया-किशनगंज
B) पश्चिम चम्पारण-छपरा-दरभंगा-किशनगंज
C) मधुबनी-सुपौल-मधेपुरा-पूर्णियाँ
D) सीतामढ़ी-मधुबनी-मधेपुरा-पूर्णियाँ