सविनय अवज्ञा आंदोलन के समय देश के विभिन्न भागों में सांप्रदायिक दंगे लेकिन बिहार में कोई गंभीर घटना नहीं घंटी, जिसका श्रेय किसे दिया जाता है?
15 फरवरी, 1930 ई. को कांग्रेस के अहमदाबाद में गांधीजी को सविनय अवज्ञा आंदोलन को शुरू करने का अधिकार मिला। राजेन्द्र प्रसाद ने शुरू में इस आंदोलन का समर्थन नहीं किया। उनका मानना था कि बिहार में चौकीदारी कर के खिलाफ आंदोलन ज्यादा प्रभावी होगा। लेकिन गांधी जी ने उन्हें पहले नमक कानून के उल्लंघन से आंदोलन को प्रारंभ करने की सलाह दी। 9 मई, 1930 ई. को बिहार की कांग्रेस कमिटी ने अनुग्रह नारायण सिंह की अध्यक्षता में सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्वीकार किया। सविनय अवज्ञा आंदोलन के समय देश के विभिन्न भागों में सांप्रदायिक दंगे हुए लेकिन बिहार में कोई गंभीर घटना नहीं घटी, जिसका श्रेय मुख्यतः राजेन्द्र प्रसाद को दिया जाता है।
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