शेरशाह द्वारा पटना के पुनर्निमाण का विवरण किस रचना में मिलता है?
पंजाब एवं बंगाल में फतेह के बाद शेरशाह बिहार के पटना में आया। इस समय बिहार की प्रांतीय राजधानी बिहारशरीफ था। एक दिन गंगा किनारे जब शेरशाह खड़ा था तब उसे इस जगह के सामरिक महत्व की तरफ उसका ध्यान गया। तत्पश्चात पटना में पाँच लाख की लागत से किले का निर्माण किया गया। इस तरह मौर्यों के पतन के उपरांत पटना पुनः प्रांतीय राजधानी के रूप में उभरा। इसका विवरण तारीखे- दाऊदी में मिलता है।
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