मौर्यकाल में पाटलिपुत्र का प्रशासन तीस नागरिकों की सभा संचालित करती थी जो पांच-पांच सदस्यों की छ: समितियों में संगठित थी। यह कथन किसका है?
मेगास्थनीज के अनुसार मौर्यकाल में पाटलिपुत्र का प्रशासन तीन सदस्यों का एक मंडल करता था, जो छ: समितियों में विभक्त था प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य थे। नगर में अनुशासन बनाये रखने हेतु तथा अपराधों पर नियंत्रण रखने हेतु पुलिस व्यवस्था थी, जिसे रक्षिण कहा जाता था।
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