जिस संज्ञाओं से एक ही प्रकार की वस्तुओं अथवा व्यक्तियों का बोध हो उन्हें कहते हैः
जिस संज्ञाओं से एक ही प्रकार की वस्तुओं अथवा व्यक्तियों का बोध हो, उन्हें जातिवाचक संज्ञा कहते है, जैसे – नदी, पर्वत, लड़का आदि।
व्यक्तिवाचक संज्ञा – जो किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु के नाम का बोध कराती हो।
जैसे – मोहन, यमुना, प्रयागराज, भारत आदि।
भाववाचक संज्ञा – किसी भाव, गुण, दशा आदि का ज्ञान कराने वाले शब्द भाववाचक संज्ञा होते है।
जैसे – बुढ़ापा, प्यार, क्रोध आदि।
द्रव्यवाचक संज्ञा – जिस संज्ञा शब्द से उस सामाग्री या पदार्थ का बोध होता है, जिससे कोई वस्तु बनी है, जैसे – सोना, चाँदी, तेल, दही, धुआँ, ऑक्सीजन आदि।
संबंधित प्रश्न (Related)
‘समिति’ शब्द हिन्दी व्याकरण के अनुसार ‘संज्ञा’ के भेदों की किस श्रेणी में आता है?
‘सच्चरित्रता’ किस मूल शब्द से बना है?
‘शूर’ की भाववाचक संज्ञा क्या है?
‘मीठा’ की भाववाचक संज्ञा होगी-
संज्ञा की द्विरुक्ति हो, तो उनके बीच कौन-सा चिह्र रहता है?