राजवंश जो कन्नौज पर आधिपत्य स्थापित करने में त्रिकोणीय संघर्ष में उलझे हुए थे, वह थे?
(a) चोल
(b) पाल
(c) गुर्जर
(d) राष्ट्रकूट
कूट :
हर्ष की मृत्यु के बाद कन्नौज विभिन्न शक्तियों के आकर्षण का केंद्र बन गया। इसे वही स्थान प्राप्त हुआ जो गुप्त युग तक मगध का था। इसे 'महोदया' या 'महोदयाश्री' आदि नामों से अभिव्यक्त किया गया है। अत: इस पर अधिकार करने के लिए आठवीं सदी की तीन बड़ी शक्तियों-पाल, गुर्जर-प्रतिहार तथा राष्टकूट के बीच त्रिकोणीय संघर्ष प्रारंभ हो गया, जो आठवीं-नवीं शताब्दी के उत्तर भारत के इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इस संघर्ष में अंततः प्रतिहारों को सफलता मिली।
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