संस्कृत से हिंदी में प्रयुक्त मूल शब्द से वर्तमान स्थायी तद्भव रुप तक पहुँचने के मध्य में, संस्कृत के अशुद्ध या टूटे-फूटे स्वरुप में प्रयुक्त होने वाले शब्द क्या कहलाते हैं?
संस्कृत से हिन्दी में प्रयुक्त मूल शब्द से वर्तमान स्थायी तद्भव रुप तक पहुँचने के मध्य में, संस्कृत के अशुद्ध या टूटे-फूटे स्वरुप में प्रयुक्त होने वाले शब्द ‘अर्द्धतत्सम’ कहलाते हैं।
तत्सम - किसी भाषा के मूल शब्द को ‘तत्सम’ कहते हैं।
विदेशी शब्द - विदेशी भाषाओं से हिन्दी भाषा में आए शब्दों को ‘विदेशी शब्द’ कहते हैं।
देशज - वे शब्द है, जिनकी व्युत्पत्ति का पता नहीं चलता।
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निर्देश : नीचे लिखे प्रत्येक वर्ग में दिए गए विकल्पों में से तत्सम शब्द का चयन कीजिए।
निम्नलिखित में से अर्धतत्सम शब्द को पहचानिएः
‘लवण’ का तद्भव क्या होगा?
तत्सम शब्द नहीं है-
निम्नलिखित शब्दों में से कौन तत्सम है?