सिंचाई क्षमता का पूर्ण उपयोग करने हेतु मध्यप्रदेश में आयाकट विभाग का गठन कब किया गया?
मध्यप्रदेश में बेहतर भूमि, जल प्रबंध सिंचाई परियोजनाओं के सिंचाई क्षेत्र में एकीकृत क्षेत्र विकास हेतु वर्ष 1974-75 में सर्वप्रथम तवा तथा चम्बल सिंचाई परियोजनाओं के सेंच्य क्षेत्र में दो आयाकट विकास प्राधिकरणों की स्थापना की गई। इसी क्रम में सितम्बर, 1980 में आयाकट विभाग का प्रदेश में स्वतंत्र निर्माण किया गया। वर्तमान समय में राज्य में आठ आयाकट विकास प्राधिकरण कार्यरत हैं, जिनमें 32 बड़ी एवं मध्यम सिंचाई योजनाएँ सम्मिलित हैं। इन आयाकट विकास प्राधिकरणों की 32 में से 23 सिंचाई परियोजनाएँ केन्द्र प्रवर्तित योजना में सम्मिलित हैं।
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मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में पायी जानी वाली धारवाड़ शैल समूह को किस क्रम की संज्ञा दी जाती है?
चिपको आन्दोलन से संबंधित हैं-
असत्य कथन का चयन करें:
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2008 में एक वोट से विजयी उम्मीदवार कौन है?
मध्यप्रदेश की जनांकीय विशेषताओं में सही को चुनिए-
(1) प्रदेश की क्रियाशील जनसंख्या का औसत राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
(2) कार्यशील महिलाओं का औसत राष्ट्रीय औसत से अधिक है
(3) मुख्य कार्यशील जनसंख्या का प्रतिशत 31.66 है, जबकि सीमांत का 11.09% है
(4) कार्यशील जनसंख्या का 18.29 प्रतिशत कृषक है
(5) कार्यशील जनसंख्या का 12.26 प्रतिशत खेतिहर मजदूर है।