मध्यम मृदा को कितने भागों में बाँटा गया है?
मध्यम मृदा को तीन भागों में बाँटा गया हैः
1. मोटी दोमट मृदा (Coarse Loam)
2. हल्की दोमट मृदा (Light Loam)
3. दोमट मृदा (Loam Soil)
(1) मोटे कणों की दोमट मृदा गुड़गाँव जिले के मध्य नूँह, पश्चिमी फिरोजपुर एवं झिरका के क्षेत्रों में पाई जाती है।
(2) हल्की दोमट मृदा – यह प्रमुख रुप से दक्षिणी-पश्चिमी अम्बाला तथा नारायणगढ़ तहसील के दक्षिणी भाग में पाई जाती है। इसके अतिरिक्त यह गुड़गाँव के उत्तरी भाग में, नूँह के उत्तर-पश्चिमी भाग में एवं रेवाड़ी में भी पाई जाती है।
(3) दोमट मृदा – यह गहरी, सुप्रवाहित और उपजाऊ मृदा है। यह जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत आदि जिलों में पाई जाती है। यह समस्त व्यवसायिक कृषि फसलों के लिए उपयोगी है।
संबंधित प्रश्न (Related)
‘गंगा-जमनी कण्ठी’ क्या है?
निम्न में से किसे ‘वीरेन्द्र नारायण चक्रवर्ती’ नहर भी कहा जाता है?
सुमेलित करें
| सूची-। | सूची-।। |
| A. गुजरी महल (हिसार) | (i) फिरोजशाह तुगलक |
| B. जलमहल | (ii) शाह कूली खाँ |
| C. शीशमहल | (iii) फ़ौजदार खाँ |
| D. गोपालगिरि का दुर्ग | (iv) बलबन |
कूट : A B C D
कोश मीनारों का निर्माण किसने करवाया था?
किस भू-गर्भिक काल में हरियाणा राज्य की भू-गर्भिक संरचना में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हुए?