सिखों के नेता मास्टर तारासिंह ने पंजाबी सूबे के लिए कब आंदोलन शुरु किया?
सिखों के नेता मास्टर तारा सिहं ने पंजाब सूबे में सिखों के लिए अनेकों आंदोलन चलाए। उन्होंने अंग्रेजी सरकार के दौरान ही सिख धर्म को वृहद् हिन्दू धर्म से अलग करने मे योगदान दिया। ये शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रथम महामंत्री चुने गए। इनकी सहायता से अकालियों का आतंक सम्पूर्ण पंजाब में छा गया। अंत में इन्हीं के द्वारा अपने सहयोगी संत फतेह सिंह को नियुक्त करना इन्हें भारी पड़ा। धीरे-धीरे नेतृत्व एवं जनसमूह का विश्वास फतेह सिंह की तरफ चला गया। इन्होंने भाषा के आधार पर पंजाब राज्य के अलग करने की मांग 1960 में प्रारम्भ की जो 1966 में पूरा हुआ।
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| सूची-। | सूची-।। |
| A. हर्ष एवं पुष्यभूति वंश का परिचय देने वाला ताम्रपत्र | (i) पेहोवा |
| B. नौवीं शताब्दी का भोजदेव का अभिलेख | (ii) सोनीपत |
| C. पशुपति सम्प्रदाय से सम्बन्धित अभिलेख | (iii) जगाधरी (धुन) |
| D. बारहखड़ी की लिखाई का प्रामण देने वाला अभिलेख | (iv) सिरसा |
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