गाँवों में राजस्व की वसूली किसकी मदद से की जाती थी?
गाँवों में राजस्व की वसूली पटवारी की मदद से की जाती थी। स्थानीय स्तर पर यह किसानों और सरकार के मध्य का एक कड़ी होता था। आज भी पटवारी ग्राम स्तर पर सरकार का एक कर्मचारी होता है, जिसके क्षेत्र में एक या एक से अधिक गाँव आते हैं तथा पटवारी इन गाँवों की भूमि का पूर्ण विवरण रखते हैं। किस किसान के पास कितनी भूमि है, भूमि किस किस्म की है। यह सब जानकारी पटवारी रखता है।
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