गाँवों में राजस्व की वसूली किसकी मदद से की जाती थी?
गाँवों में राजस्व की वसूली पटवारी की मदद से की जाती थी। स्थानीय स्तर पर यह किसानों और सरकार के मध्य का एक कड़ी होता था। आज भी पटवारी ग्राम स्तर पर सरकार का एक कर्मचारी होता है, जिसके क्षेत्र में एक या एक से अधिक गाँव आते हैं तथा पटवारी इन गाँवों की भूमि का पूर्ण विवरण रखते हैं। किस किसान के पास कितनी भूमि है, भूमि किस किस्म की है। यह सब जानकारी पटवारी रखता है।
संबंधित प्रश्न (Related)
जिला रोहतक में स्थित महम नामक कस्बे का पुनः निर्माण बनिया जाति के पेशोरा नामक व्यक्ति द्वारा कब करवाया गया था?
राज्य के किस स्टेडियम में प्रथम हॉकी एस्ट्रो-टर्फ का निर्माण किया गया है?
नलकूपों की गहराई के आधार पर बिजली की कौन-सी प्रणाली पूरे प्रदेश में लागू की गई हैं?
‘ग्रीनिंग ऑफ हरियाणा’ कार्यक्रम किससे संबंधित है?
राज्य में ‘दैवीरक्षक योजना’ कब आरम्भ की गई?