बिहार प्रदेश में ग्रीष्म काल में सर्वाधिक वर्षा किस भाग में होती है?
बिहार में बर्षा के वितरण में असमानता बनी रहती है। बिहार को जलवायु की दृष्टि से तीन भागों में बाटते हैं- (1) ग्रीष्म ऋतु (2) वर्षा ऋतु (3) शीत ऋतु। ग्रीष्म ऋतु में राज्य के पूर्वी भाग में 150 मिमी. वर्षा हो जाती है। इस ऋतु में बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न उष्णकटिबंधीय चक्रवात के कारण पूर्वी भागों में खूब वर्षा होती है। इस वर्षा को काल वैशाली, आम्रवर्षा कहते है। इस वर्षा से आम को लाभ पहुँचता है। वर्षा ऋतु में उत्तरी बिहार के तराई क्षेत्र और उत्तर पूर्वी भाग में अधिक वर्षा होती है। इस ऋतु में धान, मक्का और जूट का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है। शीत ऋतु में बिहार में उत्तरी-पश्चिमी हवाएँ चलने लगती है और भू-मध्य सागर से आने वाली शीतोष्ण चक्रवात से वर्षा होती है जिससे रबी की फसल को लाभ मिलता है।
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