जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक और 24वें एवं अंतिम तीर्थकर महावीर का जन्म कहाँ हुआ था?
जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक और 24वें एवं अंतिम तीर्थकर महावीर का जन्म वैशाली जिले के कुण्डग्राम में हुआ था। जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव थे और 23वें तीर्थकर पार्श्वनाथ थे। पार्श्वनाथ ने भिक्षुओं के लिए चार व्रतों का विधान किया जिसम् अहिंसा, सत्य, अस्तेय तथा अपरिग्रह था। लेकिन महावीर ने पाँचवा व्रत जोड़ा जिसे ब्रह्मचर्य कहा गया। ब्रह्मचर्य का पालन प्रत्येक भिक्षु के लिए अनिवार्य बताया गया। प्रथम जैन तीर्थकर का प्रतीक चिन्ह वृषभ, 23वें तीर्थकर का प्रतीक चिन्ह सर्पफण तथा 24वें तीर्थकर का प्रतीक चिन्ह सिंह है।
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