साइमन कमीशन पटना कब आया था?
स्वतंत्रता संग्राम में साइमन कमीशन का बहिष्कार भी एक महत्वपूर्ण घटना थी। 1927 ई. में साइमन कमीशन की नियुक्ति की गई। कमीशन के अध्यक्ष जॉन साइमन थे, जिनके नाम पर इसे साइमन कमीशन कहते हैं। कमीशन के 6 अन्य सदस्य अंग्रेज ही थे। साइमन सपना कमीशन के उद्देश्य एवं सदस्यता को लेकर भारतीयों को बहुत क्षोभ हुआ। अतः सभी ने मिलकर कमीशन का बहिष्कार करने का निश्चय किया। बिहार भी इससे अछूता नहीं रहा। पटना में 12 दिसम्बर, 1928 ई. को साइमन आयोग के आने का दिन तय था। इस समय तक लाला लाजपत राय पर सरकार ने लाठी चलवा दी थी, फलस्वरूप बिहार के लोगों में जबर्दस्त रोष पैदा हो गया। 'साइमन वापस जाओ' का नारा हर जगह लोकप्रिय हो गया। बिहार में सबके जुबान पर एक ही नारा था- 'उठो नौजवानों सवेरा हुआ, साइमन भगाने का बेरा हुआ'। इन लोगों का नेतृत्व कर रहे थे - राजेंद्र प्रसाद, श्रीकृष्ण सिंह, अनुग्रह नारायण सिंह, ब्रजकिशोर प्रसाद और रामदयालु सिंह।
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