Sponsored Advertisement
इंडियन गवर्नमेंट एग्जाम प्रेप

साइमन कमीशन पटना कब आया था?

A 12 नवम्बर, 1928
B 12 जनवरी, 1929
C 12 दिसम्बर, 1928
D 28 दिसम्बर, 1928
Correct Answer: C
Solution & Explanation

स्वतंत्रता संग्राम में साइमन कमीशन का बहिष्कार भी एक महत्वपूर्ण घटना थी। 1927 ई. में साइमन कमीशन की नियुक्ति की गई। कमीशन के अध्यक्ष जॉन साइमन थे, जिनके नाम पर इसे साइमन कमीशन कहते हैं। कमीशन के 6 अन्य सदस्य अंग्रेज ही थे। साइमन सपना कमीशन के उद्देश्य एवं सदस्यता को लेकर भारतीयों को बहुत क्षोभ हुआ। अतः सभी ने मिलकर कमीशन का बहिष्कार करने का निश्चय किया। बिहार भी इससे अछूता नहीं रहा। पटना में 12 दिसम्बर, 1928 ई. को साइमन आयोग के आने का दिन तय था। इस समय तक लाला लाजपत राय पर सरकार ने लाठी चलवा दी थी, फलस्वरूप बिहार के लोगों में जबर्दस्त रोष पैदा हो गया। 'साइमन वापस जाओ' का नारा हर जगह लोकप्रिय हो गया। बिहार में सबके जुबान पर एक ही नारा था- 'उठो नौजवानों सवेरा हुआ, साइमन भगाने का बेरा हुआ'। इन लोगों का नेतृत्व कर रहे थे - राजेंद्र प्रसाद, श्रीकृष्ण सिंह, अनुग्रह नारायण सिंह, ब्रजकिशोर प्रसाद और रामदयालु सिंह।

Advertisement

संबंधित प्रश्न (Related)

राजगीर में रोपवे का निर्माण किस देश की सरकार के सहयोग से किया गया है?

बिहार राज्य में लोक-स्वास्थाय अभियंत्रण विभाग को निम्नलिखित में कौन-सी जिम्मेवारी सौंपी गयी है?

विश्व का सर्वाधिक लम्बा ‘सेतु मार्ग’ कहाँ स्थित है?

राज्य का सर्वाधिक कुल फसली क्षेत्रफल वाला जिला है-

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में नगरीय जनसंख्या का घनत्व है।

Aap Taiyari24Hour kaise use karna chahte hain?

Behtar anubhav ke liye hamari Mobile App use karein ya browser par continue karein.

📲 Play Store se App Install Karein