बिहार में अलग प्रांत के लिए आंदोलन, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1911 में बिहार एवं उड़ीसा के नए प्रांत का निर्माण हुआ, का नेतृत्व किसने किया था?
बिहार में अलग प्रांत के लिए आंदोलन, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1911 में बिहार एवं उड़ीसा के नए प्रांत का निर्माण हुआ, का नेतृत्व सच्चिदानंद सिन्हा ने किया था 1911 ई. में जार्ज पंचम के भारत आने की खबर लोगों को हुई। उनके सम्मान में दिल्ली में एक दरबार का आयोजन होना था एवं कुछ महत्वपूर्ण घोषणा की जानी थी। 1911 ई. के केंद्रीय विधान परिषद् के अधिवेशन के दौरान सच्चिदानंद सिन्हा, अली इमाम एवं मोहम्मद अली ने विभिन्न मुद्दों पर आपस में विचार-विमर्श किया। इसी दौरान सच्चिदानन्द सिन्हा ने स्वयं तो पृथक् बिहार की माँग की ही, साथ अली इमाम से भी इस संदर्भ में अपनी पहुँच का प्रयोग कने को कहा। इन बिहारी सपूतों के अनवरत् प्रयास तब सार्थक सिद्ध हुए जब 12 दिसम्बर, 19 ई. को दिल्ली के शाही दरबार में बिहार एवं उड़ीसा को मिलाकर एक नया प्रांत बनाने की घोषणा हुई और 1 अप्रैल, 1912 ई. को बिहार नाम के प्रांत का विधिवत् उद्घाटन हुआ।
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