बिहार में मुगल स्थापत्य कला का उदाहरण
बिहार में मुगल स्थापत्य कला का उदाहरण है - मनेर स्थित शाह दौलत का मकबरा। मुगल काल में ही बना स्थापत्य कला का नमूना मनेर में स्थित मखदूम शाह दौलत का मकबरा है, जिसे छोटी दरगाह के नाम से जाना जाता है। इस पर अकबरकालीन स्थापत्य का प्रभाव है। फुलवारी शरीफ में अवस्थित सांगी मस्जिद भी प्रारंभिक मुगल शैली में बनी हुई है। पटना के मदरसा घाट में 1630 ई. में बनी मदरसा मस्जिद भी मुगल शैली में ही बनी हुई है। पटना शहर में अवस्थित को तत्कालीन मुगल सूबेदार सैफ खाँ की बनवाई मस्जिद पर शाहजहाँ कालीन अलंकृत मुगल शैली का प्रमाण स्पष्ट है। परवर्ती मुगल शैली पर आधारित पटना में अवस्थित नवाब हैबतजंग का मकबरा भी महत्वपूर्ण है। यह अपनी सुन्दर जालियों के लिए मशहूर है। इसका निर्माण 1748 ई. के आसपास हुआ था।
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