निम्न में से कौन सल्तनत काल में बिहार का राज्यपाल नहीं रहा था?
सामान्य तौर पर माना जाता है कि बिहार पर आक्रमण करने वाला प्रथम तुर्क बख्तियार खिलजी था। इल्तुतमिश ने 1225 में मलिक अलाउद्दीन जानी को बिहार में दिल्ली के प्रथम प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया। 1229-30 ई. में इल्तुतमिश ने बिहार एवं बंगाल को पुनः अलग-अलग किया एवं अलाउद्दीन जानी को बंगाल का गवर्नर एवं सैफुद्दीन ऐबक को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया। बाद में फिर तुगान खाँ बिहार का राज्यपाल बना। रुक्नुद्दीन कैकाउस की मृत्यु के पश्चात् दक्षिण बिहार पर लखनौती का नियंत्रण कमजोर हुआ एवं उनके गवर्नर फिरोज ऐतगीन ने सुल्तान शम्सुद्दीन फिरोजशाह के नाम से एक नए राजवंश की स्थापना की। इस समय फिरोजशाह का एक पुत्र हातिम खाँ (1309-15 ई.) बिहार का गवर्नर था।
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