निम्नलिखित में किस बौद्ध संगीति का आयोजन बिहार क्षेत्र के अन्दर नहीं हुआ था?
चतुर्थ बौद्ध संगीति कुषाण वंश के महान शासक कनिष्क द्वारा प्रथम शताब्दी ईस्वी में कश्मीर के कुण्डलवन में आयोजित की गई। इसके आचार्य वसुमित्र थे। चतुर्थ एवं अतिम बौद्ध संगीति का सर्वाधिक महत्वपूर्ण परिणाम बौद्ध धर्म का दो पृथक संप्रदायों- हीनयान एवं महायान के रूप में विभाजन था।
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बिहार के प्राचीन राजवंशों के निम्नांकित में कौन शामिल नहीं है?
निम्नलिखित देशान्तर रेखाओं में से कौन-सा बिहार से होकर गुजरती है?
पूर्वी जम्पारण जिले के केसरिया नामक गांव में विश्व का सबसे विशाल बौद्ध स्तूप मिला है। केसरिया नामक स्थान की खोज अलेक्जेंडर कनिंघम ने किस चीनी यात्री के चित्रों एवं यात्रा वर्णनों में हुए उल्लेख के आधार पर किया था?
महात्मा बुद्ध ने पाटलिपु6 के विनाश के कारणों की भविष्यवाणी की थी। उनमें क्या सम्मिलित थी?
बिहार में गंगा के मैदानी भाग की मिट्टियाँ किस प्रकार की है?