मौर्य साम्राज्य का केन्द्रीय न्यायालय कहाँ स्थित था ?
A) सुवर्णगिरी में
B) पाटलिपुत्र में
C) अति में
D) वैशाली में
Answer : B
Description :
मौर्य साम्राज्य का केन्द्रीय न्यायालय पाटलिपुत्र में स्थित था। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में दो प्रकार के न्यायालय का उल्लेख मिलता है। (1) धर्मस्थीय (दीवानी न्यायालय) (2) कण्टक शोधन (फौजदारी-न्यायालया) प्रत्येक न्यायालय में तीन न्यायाधीश होते थे। सम्राट सर्वोच्च न्यायाधीश होता था। दीवानी न्यायालय के न्यायाधीश को धर्मस्थ या व्यवहारिक तथा फौजदारी न्यायालय के न्यायाधीश को प्रदेष्टि कहा जाता था।
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‘विदेह के राजा जनक ने निष्क या सुवर्ण या शतनाम उपहार में दिए’ वह किस ग्रंथ में वर्णित है?
A) वृहदारण्यक उपनिषद्
B) शतपथ ब्राह्मण
C) छांदोग्य उपनिषद्
D) उपर्युक्त में कोई नहीं
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बौद्ध धर्म की महायान शाखा का ग्रन्थ प्रज्ञापारमिता को किस शैली की चित्रकला के चित्रों का आधार बनाया गया है ?
A) पाल
B) मंजूषा
C) मधुबनी
D) पटना
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बिहार में प्रथम जिला-नियोजन का गठन कब हुआ था?
A) पटना जिला में
B) भोजपुर जिला में
C) मुंगेर जिला में
D) भागलपुर जिला में
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पटना में अनुशीलन समिति की शाखा किसने स्थापित की थी?
A) केदारनाथ बनर्जी ने
B) सचिन्द्रनाथ सान्याल ने
C) खुदीराम बोस ने
D) चुनचुन पांडेय ने
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निम्नलिखित में किस बौद्ध संगीति का आयोजन बिहार क्षेत्र के अन्दर नहीं हुआ था?
A) प्रथम
B) द्वितीय
C) तृतीय
D) चतुर्थ