मध्यप्रदेश में ग्रामीण सचिवालय व्यवस्था कब लागू की गई?
मध्यप्रदेश शासन ने ग्रामों की समस्याओं के त्वरित एवं स्थानीय स्तर पर निराकरण करने के लिए 8 अगस्त, 2004 से ग्रामीण सचिवालय व्यवस्था शुरु की है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण अंचल की समस्याओं के प्राथमिकता के साथ-साथ मौके पर ही निस्तारण के लिए ‘ग्राम सचिवालय’ व्यवस्था लागू करने का निर्णय राज्य मंत्रिमण्डल की 2 जून, 2004 को महुआ ग्राम में संपन्न बैठक में लिया गया था। नई त्रिस्तरीय व्यवस्था के अंतर्गत जिन समस्याओं का निस्तारण ग्राम सचिवालय द्वारा नहीं किया जा सकेगा, उसका निस्तारण क्रमशः उपखण्ड एवं प्रखण्ड (ब्लॉक) स्तर पर किया जाएगा। प्रत्येक विकास खण्ड में 4-5 ग्राम पंचायतों का उपखण्ड होगा।
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