कौन-सा सर्वमान का भेद नहीं है?
गुणवाचक सर्वनाम का भेद नहीं है, बल्कि यह विशेषण का भेद है।
गुणवाचक विशेषण – जो शब्द संज्ञा के गुण, धर्म, स्वभाव का बोध कराते है, गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं। शेष विकल्प सर्वनाम के भेद है-
पुरुषवाचक – जो पुरुषों (पुरुष या स्त्री) के नाम के बदले आते हैं।
निजवाचक – यह ‘अपने आप’, स्वयं या ‘खुद’ के लिए प्रयुक्त सर्वनाम है, जैसे – मैं आप वहीं से आया हूँ।
प्रश्नवाचक – प्रश्न करने के लिए जिस सर्वनाम का प्रयोग होता हो, जैसे- तुम कैसे आये? वह क्या चाहता है?
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‘मैं’, उत्तम पुरुष एकवचन सर्वनाम का उत्तम पुरुष बहुवचन सर्वनाम रुप है-
“शास्त्रों की बात में कविता का दखल समझना, यह भी धर्म के विरुद्ध है।” इस वाक्य में ‘यह’ किस प्रकार का सर्वनाम है?
निम्नलिखित में कौन-सा अनिश्चवाचक सर्वनाम नहीं है?
सम्बन्धवाचक सर्वनाम बताएँ।
हिन्दी के अन्य पुरुष के निश्चवाचक सर्वनाम का अविकारी रुप है-