जिन ध्वनियों की गणना न स्वर में की जाती है न व्यंजन में, उसे क्या कहते हैं?
जिन ध्वनियों की गणना न स्वर में की जाती है न व्यंजन में उसे अयोगवाह कहते है, जैसे – अनुस्वार, विसर्ग
अन्य विकल्प सम्बन्धित हैं-
आगत – आगत वर्ण उसे कहते हैं जो वर्ण ग्रहण कर लिए गये हैं तथा इन वर्णो का प्रयोग हिन्दी भाषा में हो रहा,
हो, जैसे- ज़, .फ
ऊष्म – इन्हें संघर्षी या उष्म वर्ण भी कहते हैं इनमें श्वास रगड़ खाकर निकलती है और रगड़ के कारण श्वास में
कुछ ऊष्मा उत्पन्न होती है, जैसे – श, ष, स, ह इन्हें ऊष्म ध्वनि कहते हैं।
अंतस्थ – जिन व्यंजनों के उच्चारण में श्वास का अवरोध बहुत ही कम होता है वह अंतस्थ कहलाते है, जैसे – य,
र, ल, व
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‘सँगम’ शब्द में किस तरह की अशुद्धि है?
निम्नलिखित में नासिक्य व्यंजन नहीं है-
जिन स्वरों के उच्चारण में सबसे कम समय लगे, उन्हें कहते हैं-
द् + अ + क् + ष् + अ = ?
भाषा के सभी वर्णो के ___________ को वर्णमाला कहते हैं।