लिखित भाषा में मूल ध्वनियों के लिए जो चिन्ह मान लिए गए है, जिस रुप में ये लिखे जाते हैं, उसे ____________ कहते हैं।
लिखित भाषा में मूल ध्वनियों के लिए जो चिन्ह मान लिए गए हैं, जिस रुप में ये लिखे जाते है, उसे लिपि कहते हैं।
अन्य विकल्प सम्बन्धित है-
स्वर- स्वतंत्र रुप से बोले जाने वाले वर्ण स्वर कहलाते हैं। परंपरागत रुप से इनकी संख्या 13 मानी गई उच्चारण की दृष्टि से इनमें
केवल 11 ही स्वर हैं- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
व्यंजन – स्वर की सहायता से बोले जानेवाले वर्ण ‘व्यंजन’ कहलाते हैं, प्रत्येक व्यंजन के उच्चारण में ‘अ’ स्वर मिला होता है।
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किन ध्वनियों को ‘अनुस्वार’ कहा जाता है?
जिस व्यंजन ध्वनि के उच्चारण के समय स्वर-तंत्री कम्पन होता है, उच्चारण स्थान के आधार पर ध्वनियों के वर्गीकरण में उसका क्या स्थान है?
निम्नलिखित में कौन-सा स्वर संवृत है?
ऐसी कौन-सी दो मात्राएँ हैं, जिनका प्रयोग तो किया जाता है किन्तु उनका समावेश स्वर में नहीं किया जाता?
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