कौन सा सिद्धांत ग्रहों के एक सिगार की आकृति बनाने को अपने पक्ष में साक्ष्य के रुप में उपयोग करता है?
ग्रहाणु परिकल्पना-1900 में चेम्बरलीन और मोल्टन ने ग्रहाणु परिकल्पना का प्रतिपादन किया। इसके अनुसार, ब्रह्मांड में एक अन्य भ्रमणशील तारा सूर्य के नजदीक से गुजरा। इसके परिणामस्वरुप तारे के गुरुत्वाकर्षण से सूर्य का सतह से सिगार के आकार का कुछ पदार्थ अलग हुआ। यह तारा जब सूर्य से दूर चला गया तो सूर्य के सतह के बाहर निकला हुआ पदार्थ सूर्य के चारों तरफ घूमने लगा और यही धीरे-धीरे संघनित होकर ग्रह के रुप में परिवर्तित हो गया। पहले सर जेम्स जींस और बाद में सर हेरॉलु जेफरी ने उस विचार का समर्थन किया।
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