सुमेल कीजिए।
सूची I सूची II
(अपरदन के कारक) (स्थलाकृतियां)
1. नदी A. सर्क
2. हिमनद B. स्टैलैक्टाइट
3. पवन C. रोधिका
4. भूमिगत जल D. गोखुर झील
5. लहरें E. बरखान
नदी द्वारा उपरदन के फलस्वरुप गोखुर झील का निर्माण होता है V आकार की घाटी (गार्ज एवं केनियन) एवं जल प्रपात व क्षिप्रिका)
हिमनद द्वारा बनी स्थलाकृति U आकार की घाटी, लटकती घाटी, हिमगह्वर या सर्क (Sirque) हार्न या गिरि श्रृंग, डूमलिन, एस्कर नुनटाक आदि।
पवन द्वारा अपरदन के फलस्वरुप निर्मित स्थालाकृतिः बरखान छत्रक शिला, ज्यूगेन, यारदांग, इंसेलबर्ग आदि।
भूमिगत जल के अपरदन से निर्मित स्थलाकृति :-
(i) स्टैलेक्टाइट
(ii) स्टैलेग्माइट
(iii) कंदरा स्तम्भ
(iv) अंधी घाटियाँ
सागरीय लहर के द्वारा अपरदन से निर्मित स्थलाकृति-रोधिका समुद्री गुफा सैक, मेहराव आदि।
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