पूत कपूत तो क्यों धन संचय ।
पूत सपूत तो क्यों धन संचय ।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
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निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) हमें यह समझ लेना चाहिए कि
(य) एक सुन्दर स्वरुप है और यह भी मानना होगा कि
(र) धर्म की भाषा अधिक स्पष्ट, मूर्त्त और परिष्कृत
(ल) होती गई है और इसके लिए बहुत हद तक
(व) धर्म मानव जाति की मूलगत अनुभूनितों का
(6) विज्ञान ही उत्तरदायी है।
जहाँ पहुँचा न जा सके
निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) जिस समाज में ब्याहता को
(य) अकारण ही अग्नि की भेंट चढ़ा दिया जाता हो
(र) वह समाज निश्चित रुप से
(ल) प्यार के स्थान पर यातना दी जाती है
(व) सभ्यों का समाज नहीं
(6) अपितु नितान्त असभ्यों का समाज है।
‘मीनाक्षी’ का पर्यायवाची शब्द है -
वीर या आल्हा किस जाति का छंद है ?