निर्देश :- नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में वाक्य के पहले और अंतिम भागों को क्रमश: 1 और 6 की संख्या दी गयी है | इनके बीच में आने वाले अंशो को चार भागों में बाँटकर य, र, ल, व, की संख्या दी गयी है | ये चारों भाग उचित क्रम में नहीं हैं इन्हें ध्यान से पढ़कर दिए गए विकल्पों में से उचित क्रम चुनिए जिससे वाक्य का निर्माण हो |
(1) हमें यह समझ लेना चाहिए कि
(य) एक सुन्दर स्वरुप है और यह भी मानना होगा कि
(र) धर्म की भाषा अधिक स्पष्ट, मूर्त्त और परिष्कृत
(ल) होती गई है और इसके लिए बहुत हद तक
(व) धर्म मानव जाति की मूलगत अनुभूनितों का
(6) विज्ञान ही उत्तरदायी है।
संबंधित प्रश्न (Related)
जिन समस्त पदों में पहला शब्द संख्यावाची हो और उससे समुदाय का बोध होता हो तो उसे कहते हैं -
‘जीभ’ का पर्याय है
‘एक मनई के दूइ बेटवे रहिन। ओह मॉ लहुरा अपने बाप से कहिस-दादा धन मॉ जवन हमर बखरा लागत होय तवन हमका दै द।‘ यह अवतरण हिन्दी की किस बोली में है ?
‘उत्रीस’ शब्द में उपसर्ग है -