बिहार के प्राचीन राजवंशों के निम्नांकित में कौन शामिल नहीं है?
बिहार के प्राचीन राजवंश में मौखरी वंश शामिल नहीं है। मौखरी गुप्तों के सामंत थे और गुप्त वंश के पतन के पश्चात् स्वतंत्र हो गए। कालान्तर में मौखरियों ने कन्नौज में राज्य स्थापित कर लिया और यही उनकी राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र बन गया। मौखरी वंश का प्रथम शासक हरिवर्मा था जिसने 'महाराजा' की उपाधि धारण की थी। मौखरी शासकों में सबसे प्रभावी सर्ववर्मा था जिसने परवर्ती गुप्त शासक दामोदर गुप्त को पराजित कर मगध को अपने आधिपत्य में ले लिया। असीरगढ़ से प्राप्त मुहर में उसे 'महाराजाधिराज' कहा गया है।
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बिहार राज्य में प्रस्तावित नए विद्युत संयंत्र परियोजना और उसकी अधिष्ठापित विद्युत उत्पादन क्षमता को सही सुमेलित करें-
| नए प्रस्तावित जल विद्युत परियोजना | स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता (मेगावाट) |
| (a) इंद्रपुरी जलाशय | (1) 345 मेगावाट |
| (b) सिनाफदर पीएसएस | (2) 450 |
| (c) पंचगोटिया सीएसएस | (3) 225 |
| (d) डगमारा बैराज | (4) 126 |
कूटः A B C D
अक्टूबर-नवम्बर 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाग लेने वाले राजद गठबंधन में कौन-कौन-से दल शमिल हुए थे?