राजा भोज को ‘कविराज’ की उपाधि दी गई थी, क्योंकि उन्होंने निम्न ग्रंथों की रचना की थीः
राजा भोज एक उच्चकोटि के कवि तथा लेखक थे। उन्होनें सिद्धांत संग्रह, सरस्वती कंठाभरण, समरागणसूत्र धारा, तत्व प्रकाश, योगसूत्रवृत्ति, विधाविनोद आदि अनेक ग्रंथों की रचना की इसिलिए उन्हें ‘कविराज’ की उपाधि दी गई।
संबंधित प्रश्न (Related)
मध्यप्रदेश के निम्नलिखित क्रिकेटरों में से किसने भारत की ओर से टेस्ट मैच नहीं खेला है?
गिर के शेरों को रखे जाने हेतु किस राष्ट्रीय पार्क/अभयारण्य का चयन किया गया है?
राष्ट्रीय सम विकास योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के कितने जिले शामिल किये गये हैं?
मध्यप्रदेश के उस पर्यटन स्थल का नाम बताएँ जो अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है और दैनिक वायु सेवा से जुड़ा है?
कृषि पर आधारित निजी तथा सहकारी क्षेत्रों में स्थापित होने वाले उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश वित्त निगम की स्थापना की गयी है, इसका मुख्यालय कहाँ है?