‘हमारे देश में जयचंदों की कम नहीं है’ में ‘जयचंदों’ संज्ञा के किस भेद के अन्तर्गत आता है?
कुछ व्यक्तियों में कुछ विचित्र गुण होते हैं या वे दुर्लभ गुणों के कारण उनके प्रतिनिधि माने जाते हैं। उन व्यक्तियों का नाम लेते ही उनका वह गुण दिमाग के सामने आ जाता है। ऐसी स्थिति में इनका जातिवाचक के रुप में प्रयोग होता है।
जैसे-
1. हमारे देश में जयचंदों की कमी नहीं है। (यहाँ ‘जयचंदो’ का प्रयोग जातिवाचक संज्ञा के रुप में हुआ है)
2. विभीषणों से बचो।
3. कलयुग में भी हरिश्चन्द्रों की कमी नहीं है।
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जिस संज्ञाओं से एक ही प्रकार की वस्तुओं अथवा व्यक्तियों का बोध हो उन्हें कहते हैः
दिए गए प्रश्न में भाववाचक संज्ञा पहचानिए।
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द कौन-सी संज्ञा दर्शाता है?
‘इतिहास में कई चन्द्रगुप्त मिलते हैं।’
‘बाजार’ से किस संज्ञा का बोध होता है?
निम्नलिखित विशेषणों में से संज्ञा को पहचानिए।